मुँहासे क्यों होते हैं
प्यूबर्टी (किशोरावस्था) के दौरान हार्मोन तुम्हारी त्वचा की तेल ग्रंथियों को ज़्यादा सक्रिय कर देते हैं। तेल और त्वचा की मरी हुई कोशिकाएँ छोटे-छोटे छेदों को बंद कर सकती हैं, जिन्हें रोमछिद्र (पोर्स) कहते हैं।
बंद रोमछिद्र ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स, या लाल और सूजे हुए दानों में बदल सकते हैं, जब उनमें बैक्टीरिया और सूजन (इन्फ़्लेमेशन) भी जुड़ जाते हैं।
ज़्यादातर किशोरों को कुछ न कुछ मुँहासे (एक्ने) होते हैं। ये गंदा रहने से नहीं होते, और इसमें तुम्हारी कोई ग़लती नहीं है।
रोज़ की हल्की देखभाल
दिन में दो बार और पसीना आने के बाद अपना चेहरा गुनगुने पानी और हल्के क्लींज़र से धोओ। ज़ोर से रगड़ने से मुँहासे और बढ़ सकते हैं।
ऐसे प्रोडक्ट चुनो जिन पर नॉन-कॉमेडोजेनिक या ऑयल-फ़्री लिखा हो, सनस्क्रीन और मॉइस्चराइज़र भी।
बाल साफ़ रखो, तकिए का कवर अक्सर धोओ, और कोशिश करो कि चेहरा हाथों या फ़ोन पर न टिकाओ।
हाथ दूर रखो
मुँहासों को नोचने, दबाने या फोड़ने से कीटाणु और अंदर चले जाते हैं, और काले धब्बे या निशान (स्कार) रह सकते हैं।
भूरी त्वचा पर मुँहासों के बाद काले धब्बे होना आम है। ये महीनों में धीरे-धीरे हल्के होते हैं, और सनस्क्रीन इन्हें हल्का होने में मदद करती है।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
अगर मुँहासे दर्द करते हैं, निशान छोड़ते हैं, हल्की देखभाल से ठीक नहीं होते, या तुम्हें अपने बारे में बुरा महसूस कराते हैं, तो डॉक्टर को दिखाओ। त्वचा के डॉक्टर को डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) कहते हैं।
डॉक्टरों के पास असरदार इलाज हैं। केमिस्ट, सैलून या ऑनलाइन से डॉक्टर की सलाह के बिना कोई क्रीम मत लगाओ, ख़ासकर स्टेरॉइड वाली क्रीम, जो त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं।