गलत जानकारी क्यों फैलती है
सेहत से जुड़े मिथक जल्दी फैलते हैं क्योंकि वे अक्सर आसान, भावनाओं को छूने वाले होते हैं या झटपट इलाज का वादा करते हैं। फ़ैमिली ग्रुप में फ़ॉरवर्ड किए गए मैसेज और छोटे वीडियो कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुँच सकते हैं।
कुछ पोस्ट ईमानदारी से हुई गलती होती हैं। बाकी चीज़ें बेचने, फ़ॉलोअर्स बढ़ाने या लोगों को डराने के लिए बनाई जाती हैं।
खतरे के संकेत
ऐसे वादे जैसे चमत्कारी इलाज, 100 प्रतिशत प्राकृतिक इसलिए पूरी तरह सुरक्षित, डॉक्टर नहीं चाहते कि आप यह जानें, या 7 दिन में नतीजे।
कोई नाम वाला स्रोत नहीं, या ऐसा स्रोत जिसकी आप जाँच नहीं कर सकते। किसी एक व्यक्ति की कहानी को सबूत की तरह पेश करना।
अभी खरीदने, डिस्काउंट कोड इस्तेमाल करने या अपनी जान-पहचान के सब लोगों को भेजने का दबाव।
ऐसी सलाह जो कहे कि डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ बंद कर दें।
आसान जाँच
इसे किसने बनाया? क्या यह कोई जानी-मानी स्वास्थ्य संस्था है, जैसे WHO, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय या कोई मेडिकल कॉलेज, या कोई ऐसा अकाउंट जो कुछ बेच रहा है?
क्या यह हाल की जानकारी है? जैसे-जैसे रिसर्च बढ़ती है, सेहत से जुड़ी सलाह बदलती है।
क्या दूसरे भरोसेमंद स्रोत भी यही कहते हैं? अगर सिर्फ़ एक अकाउंट यह कह रहा है, तो सावधान रहें।
आगे भेजने से पहले रुकें। अगर आपको पक्का नहीं पता, तो इसे शेयर न करें।
किसी असली जानकार से पूछें
डॉक्टर, फ़ार्मासिस्ट (दवा विक्रेता), स्कूल नर्स या कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ता किसी दावे की जाँच करने में आपकी मदद कर सकते हैं।
Puberty Lab में पिया (Pia) भी बातें समझा सकती है, पर वह डॉक्टर नहीं है। आपकी अपनी सेहत से जुड़ी किसी भी बात के लिए वह डॉक्टर सबसे अच्छा है जो आपकी जाँच कर सके।