हार्मोन क्या होते हैं?
हार्मोन रासायनिक संदेशवाहक हैं। तुम्हारे शरीर की ग्रंथियाँ (ग्लैंड्स) इन्हें बनाती हैं और खून में छोड़ती हैं। खून इन्हें उन जगहों तक ले जाता है जहाँ इन्हें काम करना है।
ग्रंथियों के इस जाल को अंतःस्रावी तंत्र (एंडोक्राइन सिस्टम) कहते हैं। यह बढ़त, ऊर्जा, नींद, मूड और प्यूबर्टी को नियंत्रित करता है।
कंट्रोल सेंटर
प्यूबर्टी दिमाग़ से शुरू होती है। दिमाग़ का एक हिस्सा, जिसे हाइपोथैलेमस कहते हैं, पिट्यूटरी ग्रंथि को संकेत भेजता है। पिट्यूटरी मटर के दाने जितनी छोटी ग्रंथि है, जो दिमाग़ के ठीक नीचे होती है।
फिर पिट्यूटरी अंडाशय (ओवरीज़) या अंडकोष (टेस्टिकल्स) को संदेश भेजती है कि वे सेक्स हार्मोन बनाना शुरू करें। यह ऐसा है जैसे एक के बाद एक संदेश आगे बढ़ाया जा रहा हो।
मिलो इन संदेशवाहकों से
एस्ट्रोजन: ज़्यादातर अंडाशय में बनता है। यह स्तनों के विकास में मदद करता है, कूल्हों को चौड़ा करता है और गर्भाशय (यूट्रस) की अंदरूनी परत बनाता है।
प्रोजेस्टेरोन: यह भी अंडाशय से आता है। यह एस्ट्रोजन के साथ मिलकर मासिक चक्र (मेंस्ट्रुअल साइकिल) को सँभालता है।
टेस्टोस्टेरोन: ज़्यादातर अंडकोष में बनता है। यह आवाज़ को भारी करता है, चेहरे और शरीर पर बाल उगाता है, माँसपेशियाँ बनाता है और शुक्राणु (स्पर्म) बनना शुरू करता है।
हर किसी के शरीर में ये सभी हार्मोन कुछ न कुछ बनते हैं, बस अलग-अलग मात्रा में।
बढ़त और ऊर्जा वाले हार्मोन
ग्रोथ हार्मोन: पिट्यूटरी से आता है। यह हड्डियों और माँसपेशियों को बढ़ने में मदद करता है, और इसका बड़ा हिस्सा गहरी नींद के दौरान निकलता है।
थायरॉइड हार्मोन: गले के सामने वाली थायरॉइड ग्रंथि से आता है। यह तय करने में मदद करता है कि तुम्हारा शरीर कितनी तेज़ी से ऊर्जा इस्तेमाल करे, और यह बढ़त और दिमाग़ के विकास में भी मदद करता है।
हार्मोन तुम्हारी त्वचा, पसीने और मूड पर भी असर डालते हैं। इसीलिए प्यूबर्टी में कभी-कभी लगता है कि एक साथ बहुत कुछ हो रहा है।
डॉक्टर से कब पूछें
प्यूबर्टी के दौरान हार्मोन का स्तर अपने आप ऊपर-नीचे होता रहता है। कभी-कभी चिड़चिड़ापन या थकान महसूस होने का मतलब यह नहीं कि कुछ गड़बड़ है।
अगर तुम्हें या तुम्हारे परिवार को तुम्हारी बढ़त, ऊर्जा या प्यूबर्टी के समय की चिंता है, तो डॉक्टर जाँच कर सकते हैं। कोई टेस्ट या इलाज चाहिए या नहीं, यह सिर्फ़ डॉक्टर को तय करना चाहिए।