आपकी पसंद, आपका समय
सेक्स करना है या नहीं, और कब, यह एक निजी फ़ैसला है। बहुत से युवा इंतज़ार करना चुनते हैं, और यह भी एक सही फ़ैसला है। आप जो भी तय करें, सही जानकारी आपको ज़्यादा सुरक्षित रखती है।
सहमति साफ़ होनी चाहिए, बिना किसी दबाव के दी गई होनी चाहिए, और हर गतिविधि के लिए, हर बार, लगातार बनी रहनी चाहिए। कोई भी किसी भी समय अपना मन बदल सकता है। भारत में सहमति की कानूनी उम्र 18 साल है।
अगर दबाव या धमकी हो, या कोई इतने नशे में हो कि फ़ैसला न ले सके, तो इसका मतलब है कि सहमति नहीं है।
गर्भनिरोधक: एक झलक
कंडोम (बाहरी और अंदरूनी) सेक्स के दौरान पहने जाते हैं। यही एकमात्र तरीका है जो ज़्यादातर यौन संचारित संक्रमणों से भी बचाता है। हर बार सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये अच्छी तरह काम करते हैं।
हार्मोन वाले तरीकों में रोज़ ली जाने वाली गोलियाँ, इंजेक्शन और इम्प्लांट शामिल हैं। कॉपर IUD (जिसे अक्सर कॉपर-टी कहते हैं) एक छोटा उपकरण है जिसे कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी गर्भाशय (यूट्रस) में लगाता है, और यह कई सालों तक चलता है।
आपातकालीन गर्भनिरोधक (इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्शन) बिना सुरक्षा के सेक्स के बाद या कंडोम फट जाने पर गर्भ ठहरने की संभावना कम कर सकता है। इसे जितनी जल्दी, कुछ दिनों के अंदर, लिया जाए, उतना अच्छा काम करता है। यह नियमित इस्तेमाल के लिए नहीं है।
कोई डॉक्टर या स्वास्थ्य केंद्र आपके लिए सही तरीका चुनने में मदद कर सकता है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में कई तरीके मुफ़्त मिलते हैं।
यौन संचारित संक्रमण (STI)
क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफ़लिस, हर्पीज़, HPV, हेपेटाइटिस B और HIV जैसे STI यौन संपर्क के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकते हैं।
बहुत से STI में कोई लक्षण नहीं होते, इसलिए पता करने का एकमात्र तरीका जाँच (टेस्ट) करवाना है। संभावित संकेतों में असामान्य स्राव (डिस्चार्ज), पेशाब करते समय दर्द, घाव, गाँठ, खुजली या सेक्स के दौरान दर्द शामिल हैं।
ज़्यादातर STI का इलाज हो सकता है, और सभी को संभाला जा सकता है। कंडोम, HPV और हेपेटाइटिस B के टीके (वैक्सीन), और यौन रूप से सक्रिय होने पर नियमित जाँच, ये सभी खतरा कम करते हैं।
भारत में गोपनीय इलाज
सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में किशोर मित्र स्वास्थ्य क्लिनिक (Adolescent Friendly Health Clinics) युवाओं को गोपनीय सलाह देते हैं।
सुरक्षा क्लिनिक STI का इलाज करते हैं, और एकीकृत परामर्श एवं जाँच केंद्र (ICTC) मुफ़्त और गोपनीय HIV जाँच करते हैं। राष्ट्रीय एड्स हेल्पलाइन का नंबर 1097 है।
भारत में कुछ शर्तों के तहत सुरक्षित गर्भपात (अबॉर्शन) कानूनी है और यह पंजीकृत (रजिस्टर्ड) डॉक्टरों द्वारा ही किया जाना चाहिए। असुरक्षित तरीके या डॉक्टर की सलाह के बिना खरीदी गई गोलियाँ खतरनाक हो सकती हैं।