अभी चेक-अप क्यों ज़रूरी हैं
हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ (शुगर) जैसी कई बीमारियों में शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते। इन्हें जल्दी पकड़ लेने से इन्हें संभालना आसान होता है।
भारत में ये बीमारियाँ कम उम्र में दिखने लगी हैं, खासकर अगर परिवार में इनका इतिहास हो, लंबे समय तक बैठे रहना हो, तनाव हो, तंबाकू का इस्तेमाल हो या नींद कम हो।
अपने डॉक्टर से किन जाँचों पर बात करें
ब्लड प्रेशर: एक जल्दी होने वाली, बिना दर्द की जाँच, जिसे समय-समय पर करवाना ठीक है, तब भी जब आप ठीक महसूस करें।
ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल: आपके परिवार के इतिहास और दूसरे जोखिमों को देखकर आपके डॉक्टर इनकी सलाह दे सकते हैं।
दाँत और आँखों की जाँच: नियमित रूप से दाँतों के डॉक्टर (डेंटिस्ट) को दिखाएँ, और अगर आपको नज़र में बदलाव दिखे या स्क्रीन से सिरदर्द हो, तो आँखों की जाँच करवाएँ।
भारत का राष्ट्रीय कार्यक्रम सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 30 साल की उम्र से डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर और कुछ कैंसर की मुफ़्त जाँच (स्क्रीनिंग) देता है।
अपने शरीर को जानना
जानें कि आपके स्तन या छाती और अंडकोष (टेस्टिकल्स) आमतौर पर कैसे दिखते और छूने में कैसे लगते हैं, ताकि गाँठ, सूजन या दर्द जैसे बदलाव आपको पता चल सकें।
बच्चेदानी के मुँह की जाँच (सर्वाइकल स्क्रीनिंग) की सलाह आमतौर पर गाइडलाइन के हिसाब से पच्चीस के आसपास से 30 साल की उम्र के बीच कभी शुरू करने के लिए दी जाती है। अपने डॉक्टर से पूछें कि कब शुरू करना है।
अगर आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो STI जाँच के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
मन और जीवनशैली
चेक-अप नींद, मूड, तनाव, शराब, तंबाकू और शारीरिक गतिविधि के बारे में बात करने का भी मौका है। आपकी मानसिक सेहत भी आपकी सेहत का हिस्सा है।
उन टीकों (वैक्सीन) के बारे में पूछें जिनकी आपको ज़रूरत हो सकती है, जैसे Td बूस्टर, हेपेटाइटिस B, HPV या हर साल का फ़्लू का टीका।