शुरुआत में अनियमित होना आम है
पीरियड्स शुरू होने के बाद पहले दो से तीन सालों में चक्र (साइकिल) अक्सर अनियमित होते हैं। शरीर अभी नियमित रूप से अंडा छोड़ना सीख रहा होता है।
किशोरों में एक चक्र (एक पीरियड के पहले दिन से अगले पीरियड के पहले दिन तक) अक्सर लगभग 21 से 45 दिन का होता है। किसी-किसी महीने पीरियड नहीं भी आ सकता है।
तनाव, परीक्षाएँ, बीमारी, सफ़र, या गतिविधि या खान-पान में बड़े बदलाव से भी पीरियड देर से या जल्दी आ सकता है।
डॉक्टर को कब दिखाएँ
अगर पीरियड्स आने शुरू होने के बाद 3 महीने या उससे ज़्यादा समय तक बंद रहें, या 21 दिन से कम के अंतर पर आएँ, तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अगर खून इतना बहे कि हर एक से दो घंटे में पैड भीग जाए, पीरियड 7 दिन से ज़्यादा चले, दो पीरियड्स के बीच खून आए, या इतना दर्द हो कि आप स्कूल न जा पाएँ, तब भी डॉक्टर को दिखाएँ।
पहले पीरियड के तीन साल से ज़्यादा समय बाद भी अगर चक्र बहुत अनियमित हैं, तो इसकी भी जाँच करवाना ठीक रहेगा।
PCOS क्या है?
पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, यानी PCOS, हार्मोन से जुड़ी एक आम स्थिति है जो अंडाशय (ओवरी) पर और अंडा कितनी बार निकलता है, इस पर असर डाल सकती है।
इसके संभावित संकेतों में शामिल हैं: बहुत अनियमित पीरियड्स या पीरियड्स का न आना जो सालों तक चलता रहे, चेहरे, छाती या पेट पर ज़्यादा बाल, और ऐसे मुँहासे (एक्ने) जो मुश्किल से ठीक हों। हर किसी में सारे संकेत नहीं होते।
PCOS की पहचान (डायग्नोसिस) सिर्फ़ डॉक्टर ही कर सकते हैं, आपकी जाँच करने और दूसरे कारणों पर विचार करने के बाद। अनियमित पीरियड्स वाले बहुत से किशोरों को PCOS नहीं होता।
अगर आपको PCOS बताया जाए
PCOS को संभाला जा सकता है। डॉक्टर आपको आपके लिए सही विकल्प समझाएँगे, जिनमें जीवनशैली में मदद और कभी-कभी इलाज शामिल हो सकता है।
नियमित गतिविधि, संतुलित खाना और अच्छी नींद हर किसी के हार्मोन और पूरी सेहत के लिए अच्छे हैं, चाहे PCOS हो या न हो।
ऐसे ऑनलाइन प्रोग्राम और उत्पादों से सावधान रहें जो PCOS को जड़ से ठीक करने का वादा करते हैं। अपने डॉक्टर की सलाह मानें।