हिलना-डुलना क्यों?
दौड़ना, कूदना और खेलना तुम्हारे दिल और फेफड़ों को मज़बूत बनाते हैं, हड्डियों और माँसपेशियों को मज़बूत करते हैं, और तुम्हें बेहतर नींद आने में मदद करते हैं।
हिलने-डुलने से तुम्हारा दिमाग़ अच्छा महसूस कराने वाले रसायन भी छोड़ता है, इसलिए इससे तुम्हारा मूड अच्छा हो सकता है और कक्षा में ध्यान लगाने में मदद मिल सकती है।
कितना?
बच्चों और किशोरों को हर दिन लगभग एक घंटा सक्रिय रहना चाहिए, पूरे दिन का जोड़कर।
इसमें से कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे साँस तेज़ हो जाए और शरीर गर्म लगे, जैसे दौड़ना, साइकिल चलाना, रस्सी कूदना, या फ़ुटबॉल, कबड्डी या खो-खो खेलना।
हफ़्ते में कुछ बार ऐसे काम करो जिनसे हड्डियाँ और माँसपेशियाँ मज़बूत हों, जैसे कूदना, चढ़ना, स्टापू (लंगड़ी) खेलना या मंकी बार पर लटकना-झूलना।
हर दिन के लिए आइडिया
अगर सुरक्षित हो तो पैदल या साइकिल से स्कूल जाओ। होमवर्क के बाद बाहर खेलो। घर पर गाने पर नाचो। सामान के थैले उठाने में मदद करो।
बारिश का दिन है? योग करके देखो, गलियारे में रस्सी कूदो, या अपने भाई-बहनों और कज़िन्स के साथ कोई डांस गेम खेलो।
बैठे रहने से बीच-बीच में ब्रेक लेने की कोशिश करो, खासकर लंबे स्क्रीन टाइम या होमवर्क के दौरान।
सुरक्षित खेलो
खेलने से पहले, खेलते समय और बाद में पानी पियो, खासकर गर्मी में। दोपहर की सबसे तेज़ धूप में खेलने से बचो।
साइकिल चलाते समय हेलमेट पहनो। अगर चोट लगे, चक्कर आए या साँस बहुत फूलने लगे, तो रुक जाओ और किसी बड़े को बताओ।